हिंदी हाइकु
२५
आहें . . .
दीवार की दरारें
हुईं गहरी
२४
चाँदनी रात—
गंजे सर
पुराने दोस्तों के
२३
बहता टीले से
वर्षा का पानी...
एक नई भाषा
२२
उड़ता बीज
खिड़की के बाहर
—
एक छोटा विराम
२१
डूबता सूरज —
क्या वो लेगी सुझाव
अपनी परछाईं का
२०
अमावस
फिर भी . . .
फूल सप्तपरनी के
१९
सूखी पत्तियाँ . . .
माँ ने कुछ छोड़ीं
बेटी के लिए
१८
छत की मरम्मत —
आधा चाँद
मेरे बिस्तर पर
१७
चाँद असाड़ का
मकड़ी ने जाल में
ज़रा सा पकड़ा
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